अभिजित नक्षत्र क्या है?
अभिजित नक्षत्र वैदिक ज्योतिष का एक विशेष और अत्यंत शुभ नक्षत्र माना जाता है। यह 27 नक्षत्रों की सामान्य गणना में शामिल नहीं होता, बल्कि इसे अतिरिक्त (इंटरकैलरी) नक्षत्र कहा जाता है।
यह नक्षत्र उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र के मध्य स्थित होता है और इसे विजय, सफलता और सिद्धि का प्रतीक माना गया है।
शास्त्रों में अभिजित नक्षत्र को:
- सर्वसिद्ध नक्षत्र
- विजय मुहूर्त
- बिना बाधा फल देने वाला नक्षत्र
कहा गया है।
अभिजित नक्षत्र का ज्योतिषीय महत्व
अभिजित नक्षत्र का संबंध भगवान विष्णु और ब्रह्मांडीय विजय ऊर्जा से माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में:
- सफलता की प्रबल संभावना होती है
- विघ्न-बाधाएं कम होती हैं
- कार्य शीघ्र पूर्ण होते हैं
- शुभ फल स्थायी रूप से प्राप्त होते हैं
इसी कारण जब अन्य शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हों, तब अभिजित नक्षत्र को सर्वोत्तम विकल्प माना जाता है।
अभिजित नक्षत्र 2026: आरम्भ और अन्त का पूरा विवरण
नीचे वर्ष 2026 में अभिजित नक्षत्र के आरम्भ और समाप्ति का पूरा विवरण दिया गया है:
जनवरी 2026
- आरम्भ: 19 जनवरी 2026, सोमवार — 05:30 ए एम
- अन्त: 19 जनवरी 2026, सोमवार — 01:34 पी एम
फरवरी 2026
- आरम्भ: 15 फरवरी 2026, रविवार — 01:28 पी एम
- अन्त: 15 फरवरी 2026, रविवार — 09:29 पी एम
मार्च 2026
- आरम्भ: 14 मार्च 2026, शनिवार — 10:26 पी एम
- अन्त: 15 मार्च 2026, रविवार — 06:30 ए एम
अप्रैल 2026
- आरम्भ: 11 अप्रैल 2026, शनिवार — 07:10 ए एम
- अन्त: 11 अप्रैल 2026, शनिवार — 03:23 पी एम
मई 2026
- आरम्भ: 8 मई 2026, शुक्रवार — 02:43 पी एम
- अन्त: 8 मई 2026, शुक्रवार — 11:05 पी एम
जून 2026
- आरम्भ: 4 जून 2026, बृहस्पतिवार — 09:02 पी एम
- अन्त: 5 जून 2026, शुक्रवार — 05:27 ए एम
जुलाई 2026
- आरम्भ: 2 जुलाई 2026, बृहस्पतिवार — 02:49 ए एम
- अन्त: 2 जुलाई 2026, बृहस्पतिवार — 11:13 ए एम
- आरम्भ: 29 जुलाई 2026, बुधवार — 09:02 ए एम
- अन्त: 29 जुलाई 2026, बुधवार — 05:22 पी एम
अगस्त 2026
- आरम्भ: 25 अगस्त 2026, मंगलवार — 04:17 पी एम
- अन्त: 26 अगस्त 2026, बुधवार — 12:36 ए एम
सितम्बर 2026
- आरम्भ: 22 सितम्बर 2026, मंगलवार — 12:31 ए एम
- अन्त: 22 सितम्बर 2026, मंगलवार — 08:52 ए एम
अक्टूबर 2026
- आरम्भ: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार — 08:58 ए एम
- अन्त: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार — 05:25 पी एम
नवम्बर 2026
- आरम्भ: 15 नवम्बर 2026, रविवार — 04:43 पी एम
- अन्त: 16 नवम्बर 2026, सोमवार — 01:16 ए एम
दिसम्बर 2026
- आरम्भ: 12 दिसम्बर 2026, शनिवार — 11:25 पी एम
- अन्त: 13 दिसम्बर 2026, रविवार — 08:00 ए एम
अभिजित नक्षत्र में कौन-से कार्य शुभ माने जाते हैं?
अभिजित नक्षत्र में किए गए निम्न कार्य अत्यंत शुभ और फलदायी माने जाते हैं:
- नया व्यापार या स्टार्टअप शुरू करना
- नौकरी जॉइन करना या प्रमोशन से जुड़े कार्य
- महत्वपूर्ण अनुबंधों पर हस्ताक्षर
- यात्रा की शुरुआत
- परीक्षा, इंटरव्यू या प्रतियोगी कार्य
- पूजा-पाठ, मंत्र जाप, अनुष्ठान
यह नक्षत्र विशेष रूप से विजय और सफलता से जुड़े कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
अभिजित नक्षत्र में क्या सावधानी रखें?
हालांकि यह अत्यंत शुभ नक्षत्र है, फिर भी कुछ सावधानियां आवश्यक हैं:
- नकारात्मक सोच से बचें
- क्रोध या जल्दबाजी में निर्णय न लें
- अशुभ कार्यों से दूरी बनाए रखें
शुद्ध मन और सकारात्मक उद्देश्य के साथ किया गया कार्य ही इसका पूर्ण फल देता है।
अभिजित नक्षत्र और अभिजित मुहूर्त में अंतर
- अभिजित नक्षत्र: चंद्रमा आधारित विशेष नक्षत्र
- अभिजित मुहूर्त: प्रतिदिन का एक शुभ समय (लगभग मध्याह्न)
दोनों ही विजय और सफलता के प्रतीक माने जाते हैं, लेकिन गणना अलग-अलग होती है।
निष्कर्ष
अभिजित नक्षत्र 2026 वर्ष भर में कई बार बन रहा है और यह हर बार शुभ कार्यों, नई शुरुआत और विजय के लिए उत्तम अवसर प्रदान करता है। यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए सही समय की तलाश में हैं, तो अभिजित नक्षत्र एक अत्यंत भरोसेमंद विकल्प हो सकता है।
टिप्पणी (महत्वपूर्ण सूचना)
- सभी समय १२-घण्टा प्रारूप में दर्शाए गए हैं
- समय नई दिल्ली, भारत के स्थानीय समयानुसार है
- आधी रात के बाद के समय को आगामी दिन से प्रत्यय कर दर्शाया गया है
- पंचांग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले दिन सूर्योदय पर समाप्त होता है




