[विक्रम संवत 2082–2083]
संपूर्ण संकष्टी चतुर्थी व्रत सूची, तिथि, चन्द्रोदय समय और महत्व
संकष्टी चतुर्थी भगवान श्री गणेश को समर्पित एक अत्यंत पावन व्रत है। यह व्रत प्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को आता है। “संकष्टी” का अर्थ है – संकटों से मुक्ति। इस दिन व्रत रखने और चन्द्रमा के दर्शन के बाद पूजा–उपवास पूर्ण करने से जीवन के विघ्न, मानसिक कष्ट, रोग, भय और बाधाएँ दूर होती हैं।
वर्ष 2026 (विक्रम संवत 2082–2083) में कुल 12 संकष्टी चतुर्थी व्रत पड़ रहे हैं। प्रत्येक संकष्टी का अलग-अलग नाम है, जो भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करता है।
संकष्टी चतुर्थी व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार:
- संकष्टी चतुर्थी का व्रत सूर्योदय से लेकर चन्द्र दर्शन तक रखा जाता है
- चन्द्रमा के दर्शन और अर्घ्य के बाद ही व्रत खोला जाता है
- इस व्रत से ऋण, रोग, संतान बाधा, नौकरी व व्यापार संबंधी समस्याएँ दूर होती हैं
- विवाहित स्त्रियाँ इसे परिवार की सुख-समृद्धि हेतु करती हैं
- विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग बुद्धि, सफलता और स्थिरता के लिए करते हैं
जनवरी 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 लम्बोदर संकष्टी (सकट चौथ)
- तिथि: 6 जनवरी 2026, मंगलवार
- चन्द्र दर्शन: 08:54 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: माघ
- प्रारम्भ: 08:01 AM, 6 जनवरी
- समाप्त: 06:52 AM, 7 जनवरी
फरवरी 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 द्विजप्रिय संकष्टी
- तिथि: 5 फरवरी 2026, बृहस्पतिवार
- चन्द्र दर्शन: 09:35 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: फाल्गुन
- प्रारम्भ: 12:09 AM, 5 फरवरी
- समाप्त: 12:22 AM, 6 फरवरी
मार्च 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 भालचन्द्र संकष्टी
- तिथि: 6 मार्च 2026, शुक्रवार
- चन्द्र दर्शन: 09:14 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: चैत्र
- प्रारम्भ: 05:53 PM, 6 मार्च
- समाप्त: 07:17 PM, 7 मार्च
अप्रैल 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 विकट संकष्टी
- तिथि: 5 अप्रैल 2026, रविवार
- चन्द्र दर्शन: 09:54 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: वैशाख
- प्रारम्भ: 11:59 AM, 5 अप्रैल
- समाप्त: 02:10 PM, 6 अप्रैल
मई 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 एकदन्त संकष्टी
- तिथि: 5 मई 2026, मंगलवार
- चन्द्र दर्शन: 10:30 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: ज्येष्ठ
- प्रारम्भ: 05:24 AM, 5 मई
- समाप्त: 07:51 AM, 6 मई
जून 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 विभुवन संकष्टी
- तिथि: 3 जून 2026, बुधवार
- चन्द्र दर्शन: 09:59 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: ज्येष्ठ
- प्रारम्भ: 09:21 PM, 3 जून
- समाप्त: 11:30 PM, 4 जून
जुलाई 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 कृष्णपिङ्गल संकष्टी
- तिथि: 3 जुलाई 2026, शुक्रवार
- चन्द्र दर्शन: 09:48 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: आषाढ़
- प्रारम्भ: 11:20 AM, 3 जुलाई
- समाप्त: 12:39 PM, 4 जुलाई
अगस्त 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 गजानन संकष्टी
- तिथि: 2 अगस्त 2026, रविवार
- चन्द्र दर्शन: 09:20 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: श्रावण
- प्रारम्भ: 11:07 PM, 1 अगस्त
- समाप्त: 11:15 PM, 2 अगस्त
🔹 हेरम्ब संकष्टी (बहुला चतुर्थी)
- तिथि: 31 अगस्त 2026, सोमवार
- चन्द्र दर्शन: 08:25 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: भाद्रपद
- प्रारम्भ: 08:50 AM, 31 अगस्त
- समाप्त: 07:41 AM, 1 सितम्बर
सितम्बर 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 विघ्नराज संकष्टी
- तिथि: 29 सितम्बर 2026, मंगलवार
- चन्द्र दर्शन: 07:39 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: आश्विन
- प्रारम्भ: 05:09 PM, 29 सितम्बर
- समाप्त: 02:55 PM, 30 सितम्बर
अक्टूबर 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 वक्रतुण्ड संकष्टी (करवा चौथ के साथ)
- तिथि: 29 अक्टूबर 2026, बृहस्पतिवार
- चन्द्र दर्शन: 08:11 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: कार्तिक
- प्रारम्भ: 01:06 AM, 29 अक्टूबर
- समाप्त: 10:09 PM, 29 अक्टूबर
नवम्बर 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 गणाधिप संकष्टी
- तिथि: 27 नवम्बर 2026, शुक्रवार
- चन्द्र दर्शन: 08:12 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: मार्गशीर्ष
- प्रारम्भ: 09:48 AM, 27 नवम्बर
- समाप्त: 06:39 AM, 28 नवम्बर
दिसम्बर 2026 की संकष्टी चतुर्थी
🔹 अखुरथ संकष्टी
- तिथि: 26 दिसम्बर 2026, शनिवार
- चन्द्र दर्शन: 08:13 PM
- पक्ष: कृष्ण चतुर्थी
- मास: पौष
- प्रारम्भ: 08:04 PM, 26 दिसम्बर
- समाप्त: 05:12 PM, 27 दिसम्बर
महत्वपूर्ण टिप्पणी
- सभी समय नई दिल्ली, भारत के स्थानीय समयानुसार हैं
- समय 12-घण्टा प्रारूप में दर्शाया गया है
- पंचांग अनुसार दिन की गणना सूर्योदय से मानी जाती है
- आधी रात के बाद के समय को अगले दिन से जोड़ा गया है
निष्कर्ष
2026 की संकष्टी चतुर्थी व्रत सूची उन भक्तों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो नियमित रूप से श्री गणेश उपासना करते हैं। श्रद्धा, संयम और नियमपूर्वक किया गया यह व्रत जीवन के संकटों को हरने वाला और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला माना गया है।



