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2026 प्रदोष के दिन (2082–2083 विक्रम संवत)

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत पुण्यकारी व्रत है। यह प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में रखा जाता है। मान्यता है कि इस समय शिव–पार्वती की पूजा करने से रोग, शोक, ऋण और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

वर्ष 2026 (2082–2083 विक्रम संवत) में आने वाले सभी प्रदोष व्रतों की तिथियाँ, वार, प्रदोष काल और त्रयोदशी विवरण नीचे क्रमवार दिए गए हैं (नई दिल्ली के स्थानीय समयानुसार)।


जनवरी 2026

गुरु प्रदोष व्रत

  • तिथि: 1 जनवरी 2026, बृहस्पतिवार
  • प्रदोष काल: 05:35 PM – 08:19 PM
  • त्रयोदशी अवधि: 02 घण्टे 44 मिनट
  • पक्ष/मास: पौष, शुक्ल त्रयोदशी
  • त्रयोदशी प्रारम्भ: 01:47 AM, 1 जनवरी
  • त्रयोदशी समाप्त: 10:22 PM, 1 जनवरी

शुक्र प्रदोष व्रत

  • तिथि: 16 जनवरी 2026, शुक्रवार
  • प्रदोष काल: 05:47 PM – 08:29 PM
  • पक्ष/मास: माघ, कृष्ण त्रयोदशी
  • प्रारम्भ: 08:16 PM, 15 जनवरी
  • समाप्त: 10:21 PM, 16 जनवरी

शुक्र प्रदोष व्रत

  • तिथि: 30 जनवरी 2026, शुक्रवार
  • प्रदोष काल: 05:59 PM – 08:37 PM
  • पक्ष/मास: माघ, शुक्ल त्रयोदशी
  • प्रारम्भ: 11:09 AM, 30 जनवरी
  • समाप्त: 08:25 AM, 31 जनवरी

फरवरी 2026

शनि प्रदोष व्रत

  • तिथि: 14 फरवरी 2026, शनिवार
  • प्रदोष काल: 06:10 PM – 08:44 PM
  • पक्ष/मास: फाल्गुन, कृष्ण त्रयोदशी
  • प्रारम्भ: 04:01 PM, 14 फरवरी
  • समाप्त: 05:04 PM, 15 फरवरी

मार्च 2026

रवि प्रदोष व्रत

  • तिथि: 1 मार्च 2026, रविवार
  • प्रदोष काल: 06:21 PM – 07:09 PM
  • पक्ष/मास: फाल्गुन, शुक्ल त्रयोदशी

सोम प्रदोष व्रत

  • तिथि: 16 मार्च 2026, सोमवार
  • प्रदोष काल: 06:30 PM – 08:54 PM
  • पक्ष/मास: चैत्र, कृष्ण त्रयोदशी

सोम प्रदोष व्रत

  • तिथि: 30 मार्च 2026, सोमवार
  • प्रदोष काल: 06:38 PM – 08:57 PM
  • पक्ष/मास: चैत्र, शुक्ल त्रयोदशी

अप्रैल 2026

बुध प्रदोष व्रत

  • तिथि: 15 अप्रैल 2026, बुधवार
  • प्रदोष काल: 06:47 PM – 09:00 PM
  • पक्ष/मास: वैशाख, कृष्ण त्रयोदशी

भौम प्रदोष व्रत

  • तिथि: 28 अप्रैल 2026, मंगलवार
  • प्रदोष काल: 06:54 PM – 09:04 PM
  • पक्ष/मास: वैशाख, शुक्ल त्रयोदशी

मई 2026

गुरु प्रदोष व्रत

  • तिथि: 14 मई 2026, बृहस्पतिवार
  • प्रदोष काल: 07:04 PM – 09:09 PM
  • पक्ष/मास: ज्येष्ठ, कृष्ण त्रयोदशी

गुरु प्रदोष व्रत

  • तिथि: 28 मई 2026, बृहस्पतिवार
  • प्रदोष काल: 07:12 PM – 09:15 PM
  • पक्ष/मास: ज्येष्ठ, शुक्ल त्रयोदशी

जून 2026

शुक्र प्रदोष व्रत

  • तिथि: 12 जून 2026, शुक्रवार
  • प्रदोष काल: 07:36 PM – 09:20 PM
  • पक्ष/मास: ज्येष्ठ, कृष्ण त्रयोदशी

शनि प्रदोष व्रत

  • तिथि: 27 जून 2026, शनिवार
  • प्रदोष काल: 07:23 PM – 09:23 PM
  • पक्ष/मास: ज्येष्ठ, शुक्ल त्रयोदशी

जुलाई 2026

रवि प्रदोष व्रत

  • तिथि: 12 जुलाई 2026, रविवार
  • प्रदोष काल: 07:22 PM – 09:24 PM
  • पक्ष/मास: आषाढ़, कृष्ण त्रयोदशी

रवि प्रदोष व्रत

  • तिथि: 26 जुलाई 2026, रविवार
  • प्रदोष काल: 07:16 PM – 09:21 PM
  • पक्ष/मास: आषाढ़, शुक्ल त्रयोदशी

अगस्त 2026

सोम प्रदोष व्रत

  • तिथि: 10 अगस्त 2026, सोमवार
  • प्रदोष काल: 07:05 PM – 09:14 PM
  • पक्ष/मास: श्रावण, कृष्ण त्रयोदशी

भौम प्रदोष व्रत

  • तिथि: 25 अगस्त 2026, मंगलवार
  • प्रदोष काल: 06:51 PM – 09:04 PM
  • पक्ष/मास: श्रावण, शुक्ल त्रयोदशी

सितम्बर 2026

भौम प्रदोष व्रत

  • तिथि: 8 सितम्बर 2026, मंगलवार
  • प्रदोष काल: 06:35 PM – 08:52 PM
  • पक्ष/मास: भाद्रपद, कृष्ण त्रयोदशी

गुरु प्रदोष व्रत

  • तिथि: 24 सितम्बर 2026, बृहस्पतिवार
  • प्रदोष काल: 06:16 PM – 08:39 PM
  • पक्ष/मास: भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी

अक्टूबर 2026

गुरु प्रदोष व्रत

  • तिथि: 8 अक्टूबर 2026, बृहस्पतिवार
  • प्रदोष काल: 05:59 PM – 08:27 PM
  • पक्ष/मास: आश्विन, कृष्ण त्रयोदशी

शुक्र प्रदोष व्रत

  • तिथि: 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
  • प्रदोष काल: 05:44 PM – 08:16 PM
  • पक्ष/मास: आश्विन, शुक्ल त्रयोदशी

नवम्बर 2026

शुक्र प्रदोष व्रत

  • तिथि: 6 नवम्बर 2026, शुक्रवार
  • प्रदोष काल: 05:33 PM – 08:09 PM
  • पक्ष/मास: कार्तिक, कृष्ण त्रयोदशी

रवि प्रदोष व्रत

  • तिथि: 22 नवम्बर 2026, रविवार
  • प्रदोष काल: 05:25 PM – 08:06 PM
  • पक्ष/मास: कार्तिक, शुक्ल त्रयोदशी

दिसम्बर 2026

रवि प्रदोष व्रत

  • तिथि: 6 दिसम्बर 2026, रविवार
  • प्रदोष काल: 05:24 PM – 08:07 PM
  • पक्ष/मास: मार्गशीर्ष, कृष्ण त्रयोदशी

सोम प्रदोष व्रत

  • तिथि: 21 दिसम्बर 2026, सोमवार
  • प्रदोष काल: 05:36 PM – 08:13 PM
  • पक्ष/मास: मार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी

प्रदोष व्रत का महत्व

  • प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है
  • विभिन्न वारों के अनुसार प्रदोष व्रत के फल अलग–अलग बताए गए हैं
  • यह व्रत विशेष रूप से कष्ट निवारण, रोग शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है

महत्वपूर्ण टिप्पणी

सभी समय 12-घण्टा प्रारूप में नई दिल्ली, भारत के स्थानीय समयानुसार दिए गए हैं तथा डी.एस.टी (यदि लागू हो) के अनुसार समायोजित हैं।
आधी रात के बाद के समय अगले दिन से संबंधित माने गए हैं।
पंचांग में दिन की गणना सूर्योदय से प्रारम्भ होकर अगले सूर्योदय तक मानी जाती है।

Harshvardhan Mishra

Harshvardhan Mishra is a tech expert with a B.Tech in IT and a PG Diploma in IoT from CDAC. With 6+ years of Industrial experience, he runs HVM Smart Solutions, offering IT, IoT, and financial services. A passionate UPSC aspirant and researcher, he has deep knowledge of finance, economics, geopolitics, history, and Indian culture. With 11+ years of blogging experience, he creates insightful content on BharatArticles.com, blending tech, history, and culture to inform and empower readers.

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