Income Tax Budget 2026: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, जानें अब कितनी आय पर देना होगा टैक्स?
Income Tax Budget 2026 मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत और स्पष्टता लेकर आया है। हर साल बजट आते ही आम आदमी का सबसे बड़ा सवाल होता है—टैक्स कितना लगेगा और लोन सस्ता होगा या महंगा? इस बार भी लोगों की निगाहें इनकम टैक्स स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन और लोन से जुड़े ऐलानों पर टिकी थीं।
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman द्वारा पेश किए गए Union Budget 2026–27 में टैक्स और लोन से जुड़े कई अहम प्रस्ताव रखे गए हैं। हालांकि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत रिबेट, स्टैंडर्ड डिडक्शन और कुछ विशेष छूटों के कारण मध्यम वर्ग को वास्तविक राहत जरूर मिलती नजर आ रही है।
आज के इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि Budget 2026 में टैक्स और लोन के क्षेत्र में आम लोगों के लिए क्या खास है, और अब आपको कितनी आय पर वास्तव में टैक्स देना होगा।
टैक्स को लेकर क्या हुए बदलाव? (Budget 2026 Tax Changes)
बजट 2026 में सरकार ने टैक्स सिस्टम को सरल और नागरिक-अनुकूल बनाने पर फोकस रखा है। कुछ बड़े और सीधे असर डालने वाले फैसले इस प्रकार हैं:
विदेशी टूर पैकेज पर TCS में राहत
वित्त मंत्री ने विदेश घूमने वालों को बड़ी राहत दी है।
- विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाला TCS (Tax Collected at Source) घटाया गया है।
- इस फैसले से विदेश यात्रा अब पहले के मुकाबले कम खर्चीली होगी।
- साथ ही, इससे टूरिज्म और ट्रैवल इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ITR फाइल करने की डेडलाइन
- बजट 2026 में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई तय की गई है।
- इससे करदाताओं को स्पष्ट समय-सीमा मिलेगी और कन्फ्यूजन कम होगा।
विदेशी संपत्ति (Foreign Assets) पर राहत
- छोटे निवेशकों और प्रवासियों को राहत देते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
- अब ₹20 लाख तक की विदेशी संपत्ति की जानकारी न देने पर भारी जुर्माना नहीं लगेगा।
- यह फैसला खासतौर पर NRI और छोटे निवेशकों के लिए राहतभरा माना जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में टैक्स राहत
- कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर
- Basic Customs Duty पूरी तरह खत्म
- या उसमें बड़ी कटौती
- इससे गंभीर बीमारियों के इलाज की लागत कम होने की उम्मीद है।
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं: फिर राहत कैसे?
बजट 2026 से पहले उम्मीद की जा रही थी कि सरकार इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है, खासकर मध्यम वर्ग के लिए।
लेकिन सरकार ने इस बार भी Status Quo बनाए रखा है।
👉 Budget 2026 में इनकम टैक्स स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आम आदमी को कोई फायदा नहीं हुआ।
नई टैक्स रिजीम में असली राहत कहां है?
अक्सर लोगों में यह भ्रम रहता है कि जैसे ही इनकम ₹4 लाख से ऊपर जाती है, टैक्स देना पड़ेगा।
असलियत इससे अलग है।
Section 87A के तहत बड़ी रिबेट
- नई टैक्स व्यवस्था में सरकार Section 87A के तहत
- ₹60,000 तक की टैक्स रिबेट देती है।
- इसका सीधा अर्थ यह है कि:
👉 यदि आपकी कुल टैक्सेबल इनकम ₹12 लाख तक है, तो आपका टैक्स शून्य (Zero Tax) हो जाता है।
नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन
- सैलरीड लोगों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है।
- इसके बाद प्रभावी रूप से
👉 ₹12.75 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
₹4 लाख की सीमा का भ्रम
- ₹4 लाख की सीमा केवल टैक्स स्लैब की गणना का आधार है।
- यह मध्यम वर्ग के लिए टैक्स की वास्तविक शुरुआत नहीं है।
- असल टैक्स देनदारी आपकी नेट टैक्सेबल इनकम और रिबेट के बाद तय होती है।
लोन को लेकर क्या खास रहा Budget 2026 में?
बजट 2026 में लोन सेक्टर को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए गए हैं।
एजुकेशन लोन
- एजुकेशन लोन पर ब्याज सब्सिडी से जुड़े नए दिशा-निर्देश आ सकते हैं।
- इससे उच्च शिक्षा हासिल करने वाले छात्रों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी।
पर्सनल लोन
- पर्सनल लोन की प्रोसेसिंग फीस में कटौती के लिए
- बैंकों और NBFCs को नए दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
- इससे उपभोक्ताओं के लिए लोन लेना थोड़ा सस्ता हो सकता है।
मध्यम वर्ग के लिए Budget 2026 का मतलब क्या है?
संक्षेप में कहें तो:
- टैक्स स्लैब नहीं बदले, लेकिन
- रिबेट + स्टैंडर्ड डिडक्शन के जरिए
👉 मध्यम वर्ग को वास्तविक राहत मिली है। - विदेश यात्रा, स्वास्थ्य खर्च और विदेशी संपत्ति जैसे मामलों में
👉 नियमों को नरम और व्यावहारिक बनाया गया है। - लोन और शिक्षा से जुड़े प्रस्ताव
👉 भविष्य में खर्च का बोझ कम कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Income Tax Budget 2026 भले ही टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव न लाया हो, लेकिन यह बजट “नो-टैक्स क्लैरिटी बजट” जरूर साबित होता है। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि:
- ₹12–12.75 लाख तक की आय पर टैक्स का डर बेवजह है
- टैक्स सिस्टम को सरल, स्थिर और अनुमान योग्य बनाया जा रहा है
- मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा और छोटे निवेशक बजट 2026 के केंद्र में हैं
