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माघे संक्रांति क्या है? नेपाल में मकर संक्रांति जैसा पर्व:

भूमिका

भारत में मकर संक्रांति जितना महत्व रखती है, नेपाल में उसी तरह का पर्व “माघे संक्रांति” का है। यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश, ऋतु परिवर्तन और फसल के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। नाम अलग है, लेकिन भावना, समय और परंपराएँ काफी हद तक समान हैं।


माघे संक्रांति क्या है?

माघे संक्रांति नेपाली पंचांग के अनुसार माघ महीने का पहला दिन होता है। यह आमतौर पर 14 या 15 जनवरी को मनाई जाती है। इस दिन को पवित्र, शुभ और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है।

मुख्य मान्यताएँ:

  • सूर्य उत्तरायण होता है
  • ठंड कम होने और नई कृषि ऋतु की शुरुआत
  • दान, स्नान और सात्त्विक भोजन का महत्व

नेपाल में माघे संक्रांति कैसे मनाई जाती है?

1. पवित्र नदी स्नान

इस दिन नेपाल में लाखों लोग नदियों में स्नान करते हैं।
विशेष रूप से:

  • देवघाट (नारायणी और काली गंडकी का संगम)
  • कोशी, बागमती और अन्य पवित्र नदियाँ

यह स्नान पुण्य, शुद्धि और रोग नाश से जोड़ा जाता है।


2. पारंपरिक नेपाली भोजन

माघे संक्रांति पर कुछ खास खाद्य पदार्थ खाए जाते हैं, जिन्हें शरीर को गर्मी और ऊर्जा देने वाला माना जाता है:

  • चाकु – गाढ़ा गुड़ (नेपाल की खास मिठाई)
  • तिल और सखर (गुड़)
  • घी
  • तरुल (शकरकंद/याम)
  • कुछ समुदायों में मछली और मांस भी

👉 यह परंपरा भारत के तिल-गुड़ खाने जैसी ही है।


3. थारू समुदाय का “माघी” पर्व

नेपाल के थारू समुदाय के लिए यह दिन और भी खास होता है। वे इसे “माघी” के रूप में नववर्ष की तरह मनाते हैं।

माघी की विशेषताएँ:

  • सामूहिक भोज
  • लोकनृत्य और गीत
  • सामाजिक निर्णय (काम, मजदूरी, नई शुरुआत)

भारत की मकर संक्रांति और नेपाल की माघे संक्रांति: तुलना

विषयभारतनेपाल
पर्व का नाममकर संक्रांतिमाघे संक्रांति
तिथि14–15 जनवरी14–15 जनवरी
मुख्य भावसूर्य पूजा, फसलसूर्य, स्वास्थ्य, फसल
भोजनतिल-गुड़, खिचड़ीतिल, चाकु, तरुल
स्नानगंगा, संगमदेवघाट, कोशी

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

  • यह पर्व प्रकृति और सूर्य के प्रति आभार प्रकट करता है
  • समाज में सामूहिकता और समानता की भावना को मजबूत करता है
  • ठंड के मौसम में शरीर को संतुलित रखने के लिए खास आहार पर जोर देता है

निष्कर्ष

👉 हाँ, नेपाल में मकर संक्रांति जैसा ही एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे माघे संक्रांति कहा जाता है।
नाम भले अलग हो, लेकिन इसका समय, उद्देश्य और सांस्कृतिक भावना भारत की मकर संक्रांति से बहुत मिलती-जुलती है

Harshvardhan Mishra

Harshvardhan Mishra is a tech expert with a B.Tech in IT and a PG Diploma in IoT from CDAC. With 6+ years of Industrial experience, he runs HVM Smart Solutions, offering IT, IoT, and financial services. A passionate UPSC aspirant and researcher, he has deep knowledge of finance, economics, geopolitics, history, and Indian culture. With 11+ years of blogging experience, he creates insightful content on BharatArticles.com, blending tech, history, and culture to inform and empower readers.

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